Tuesday, March 20, 2012

नम आँखें

बोलती नहीं ,
पर सब बतलाती हैं ,
नम आँखें सब कह जाती हैं ।
पता नहीं है नम का,
चीर जिगर को नहीं सकते ,
दिल दर्द से मचलता है,
आँखों में यह झलकता है ,
आईना है, सब दिखलाता है,
ये नम आँखे , ये नम आँखे !
न तेरी, न मेरी
ये दासता है पूरे ब्रहमांड की
नम आँखों की , नम आँखों की !!
                                      कु० जोमियर जीनी

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