वर्ष २००९ के लिए 45 वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार किन्दी के लिए संयुक्त रूप से प्रसिद्ध लेखक अमरकांत और श्रीलाल शुक्ल को दिया गया । विगत १३ मार्च को इलाहाबाद संग्रहालय के ब्रजमोहन सभागार में कथाकार श्री अमरकांत को ४५वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. नामवर सिंह द्वारा प्रदान किया गया । पुरस्कार- स्वरूप शॉल,श्रीफल, वाग्देवी की प्रतिमा, प्रशस्ति-पत्र और पाँच लाख की सम्मान राशि भेंट की गई । विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति श्री प्रेमशंकर गुप्त ने अपने विचार व्यक्त किए । अध्यक्षता श्री आलोक जैन ने की । स्वागत भाषण श्री रविन्द्र कालिया ने दिया । श्रीमती ममता कालिया ने प्रशस्ति-पत्र पढ़ा और संचालन सुश्री श्रुति ने किया ।
सौजन्य से- साहित्य अमृत हिन्दी मासिक पत्रिका अप्रैल २०१२

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