पानी भरी नदी,
है झिलमिल सितारों की नदी ।
दूर से देखने पर है चमकती ।
पास से देखने पर है गरजती ।
हम तो नहीं जानते ऐसा क्या है उसमें,
जो कहती है सारी बातें हमसे ।
क्यों लगता है ऐसा देखती है वो हमें ,
बातें नहीं भी जानते हुए कहती है वो हमें ।
पानी भरी नदी,
है झिलमिल सितारों की नदी ।
अनुशा आर्या ( नौवीं अ)
के.वि.ईटानगर
है झिलमिल सितारों की नदी ।
दूर से देखने पर है चमकती ।
पास से देखने पर है गरजती ।
हम तो नहीं जानते ऐसा क्या है उसमें,
जो कहती है सारी बातें हमसे ।
क्यों लगता है ऐसा देखती है वो हमें ,
बातें नहीं भी जानते हुए कहती है वो हमें ।
पानी भरी नदी,
है झिलमिल सितारों की नदी ।
अनुशा आर्या ( नौवीं अ)
के.वि.ईटानगर
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